आरा में बढ़ते सड़क हादसों की बड़ी वजह बनी ‘माइक्रोस्लीप’, तड़के घंटों में लगातार हो रहे जानलेवा एक्सीडेंट

आरा में बढ़ते सड़क हादसों की बड़ी वजह बनी ‘माइक्रोस्लीप’, तड़के घंटों में लगातार हो रहे जानलेवा एक्सीडेंट

Microsleep emerges as a major cause of rising

'Microsleep' emerges as a major cause of rising

आरा। 'Microsleep' emerges as a major cause of rising, भोजपुर और आसपास के क्षेत्रों में तड़के होने वाले भीषण सड़क हादसों के पीछे अब एक गंभीर कारण सामने आ रहा है। हालिया घटनाओं और विशेषज्ञों की राय में यह बात प्रमुखता से उभरकर आई है कि सुबह के समय वाहन चलाने के दौरान आने वाली कुछ सेकंड की झपकी यानी 'माइक्रोस्लीप' कई बड़े हादसों की वजह बन रही है।

बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-बक्सर हाईवे पर दोघरा मोड़ के समीप रविवार की सुबह हुआ हादसा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार रातभर जागने, लगातार लंबी दूरी तक ड्राइविंग करने, पर्याप्त नींद नहीं लेने और तेज रफ्तार में वाहन चलाने से चालक को अचानक कुछ सेकंड के लिए नींद आ जाती है।

इसी दौरान वाहन पर नियंत्रण खत्म हो जाता है और वह सड़क किनारे खड़े ट्रक, डिवाइडर या अन्य वाहनों से टकरा जाता है।आरा-बक्सर, पटना-आरा तथा आरा-मोहनिया फोरलेन समेत आसपास के मार्गों पर पिछले कुछ महीनों में तड़के तीन बजे से छह बजे के बीच कई दर्दनाक हादसे हुए हैं।

अधिकांश मामलों में चालक को झपकी आने की बात सामने आई है। खासकर ट्रक, बस, पिकअप और निजी वाहनों के चालक लगातार ड्राइविंग के कारण थकान का शिकार हो रहे हैं।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोस्लीप महज दो से 10 सेकंड तक की होती है, लेकिन तेज रफ्तार वाहन इस दौरान सैकड़ों मीटर तक बिना नियंत्रण के आगे बढ़ सकता है। यही वजह है कि कुछ सेकंड की झपकी भी जानलेवा साबित हो रही है।

केस स्टडी-1

29 अप्रैल 2026 को कोईलवर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-पटना हाईवे पर कोईलवर अंडरपास के समीप एक अनियंत्रित पिकअप ने बाइक सवार दो दोस्तों को रौंद दिया था। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।

मृतकों की पहचान पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के कटेसर गांव निवासी अमित कुमार और सुजीत कुमार के रूप में हुई थी। सुजीत अपनी भांजी की शादी में शामिल होने महुली गांव आए थे। रात में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों बाइक से लौट रहे थे, तभी हादसा हुआ।

केस स्टडी-2

21 फरवरी 2025 को जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-मोहनिया हाईवे पर दुल्हिनगंज के समीप प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार कंटेनर में घुस गई थी।

हादसे में संजय और करुणा नामक दंपती समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए थे। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया गया था।

केस स्टडी-3

27 फरवरी 2025 को शाहपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के समीप आरा-बक्सर हाईवे पर पेट्रोल खत्म होने के कारण सड़क किनारे खड़े ऑटो में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी।

हादसे में पटना और वैशाली जिले के पांच लोगों की मौत हो गई थी। सभी गुप्ताधाम से लौट रहे थे। हादसे का कारण ट्रक चालक को झपकी आना और अनियंत्रित वाहन संचालन बताया गया था।

केस स्टडी-4

22 अगस्त 2024 को गजराजगंज ओपी क्षेत्र अंतर्गत आरा-बक्सर हाईवे पर बीबीगंज गांव के समीप एक अनियंत्रित कार रेलिंग से टकरा गई थी। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। सभी लोग विंध्याचल से दर्शन कर लौट रहे थे। जांच में चालक को झपकी आने की बात सामने आई थी।

केस स्टडी-5

5 जुलाई 2026 को बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आरा-बक्सर एनएच पर दोघरा गांव के मोड़ के समीप रविवार की सुबह करीब छह बजे अनियंत्रित स्कॉर्पियो आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में नवदंपती समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

मृतकों में झारखंड के देवघर स्थित सत्संग नगर निवासी प्रकाश कुमार सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी कुमारी तथा सारण जिले के दिघवारा थाना क्षेत्र के इसमैला गांव निवासी सौरव कुमार शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल कुमार गौरव, मृतक सौरव कुमार का छोटा भाई है।